





सभी चाहते हैं कि उनके परिवार पर माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहे, वे एक समृद्ध जीवन व्यतीत करें जहाँ किसी वस्तु की कोई कमी न हो। तो आईये पढ़ते हैं कुछ नियमों के बारे में, जिन्हें अपनाकर, जो त्रुटियां हो रही हैं उन्हें ठीक कर माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की जा सकें।
माता लक्ष्मी धन एवं समृद्धि की देवी हैं। जिस घर में इनकी कृपा बनी रहती है, वहाँ धन, संपत्ति और खुशहाली का वास होता है। लेकिन कई बार जाने-अनजाने में हम ऐसी गलतियां कर बैठते है, जिससे भगवती लक्ष्मी की पूर्ण कृपा से साधक-साधिकायें वंचित रह जाते हैं। ध्यान में रखने योग्य कुछ बातें-
रात्रि में झूठे बर्तन छोड़ने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, धन हानि होती है। इसलिये रात में हमेशा बर्तन साफ कर, सुव्यवस्थित करके ही सोयें।
चूल्हे को गंदा ही छोड़ देना या उसी पर खाली बर्तन छोड़ देना भी दरिद्रता को आमंत्रण देता है। अतः इस आदत को तुरन्त बदलें।
सूर्यास्त के पश्चात कभी झाड़ू न लगायें।
घर की साफ-सफाई, साज-सज्जा का पूर्ण ध्यान रखें, सभी वस्तुयें काम में ले लेने के बाद पुनः यथा स्थान पर सुव्यस्थित ढंग से रखें।
माता लक्ष्मी की पूजा के समय भगवान विष्णु की भी पूजा साथ में अवश्य करें क्योंकि श्रीविष्णु के बिना माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं होती।
सूर्यास्त के पश्चात व सूर्योदय के दौरान कभी आलस्य न करें, यह समय शुद्ध होकर पूजा-पाठ के लिये सुनिश्चित करे। क्योंकि इन दोनों समय में सोने से, आलस्य करने से माँ लक्ष्मी अप्रसन्न होती हैं तथा बीमारियां भी लगती हैं। माँ लक्ष्मी कर्मठ व परिश्रमी लोगों पर विशेष कृपा करती हैं।
सबसे जरुरी बात, घर की महिलाओं का सम्मान करें, ये ‘गृह लक्ष्मी’ होती हैं। मनुस्मृति में लिखा है-
‘यत्र नारयस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’
अन्न का अनादर न करें, झूठा न छोडें, भोजन बीच में छोड़ देने से घर में बरकत नहीं हो पाती, धन का संचय नहीं हो पाता। इसलिये हमेशा उतना ही भोजन थाली में लें जितना खा सकें, अन्न का सम्मान करें।
सूर्यास्त के पश्चात् दूध, दही, चीनी उधार देने से आर्थिक हानि होती है। झाडू को भी कभी उधार न दें क्योंकि इसमें माँ लक्ष्मी का वास होती है।
माता-पिता देव तुल्य होते हैं, इनका आशीर्वाद जीवन में सफलता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। बुजुर्गों की सेवा करें, माता-पिता का सम्मान करें, गुरु का नित्य आशीर्वाद लें।
जब घर में हो तो सुख-शांति को प्राथमिकता दें। क्रोध एवं कटु वाणी पर नियंत्रण रखें। विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझायें, शब्दों में मधुरता रखें।
बिना सोचे-समझे खर्च न करें, गलत कार्यों में धन व्यय न करें और धन का कभी भी अहंकार न करें। मासिक बजट बनायें, आय के कुछ हिस्से की बचत करें, कुछ हिस्सा दान-पुण्य में लगायें।
तुलसी के पौधे की पूजा करें, दीपक जलायें।
माँ लक्ष्मी को लाल और कमल के फूल अर्पित करें।
It is mandatory to obtain Guru Diksha from Revered Gurudev before performing any Sadhana or taking any other Diksha. Please contact Kailash Siddhashram, Jodhpur through Email , Whatsapp, Phone or Submit Request to obtain consecrated-energized and mantra-sanctified Sadhana material and further guidance,