





इस रूप में नहीं कि उसके हाथ में शंख हैं, चक्र है कृपाण हैं। इस रूप में कात्यायनी की कल्पना नहीं की जा सकती। उस एक शरीर से यह ज्ञात हो सकता है कि सौंदर्य क्या है, उससे ज्ञात हो सकता है कि मधुर मुस्कान क्या होती है, स्मित हास्य क्या होता है, हृदय पक्ष क्या होता है या साधक क्या प्राप्त करना चाहता है और किस प्रकार कर सकता है। और मार्कण्डेय ने कात्यायनी के ध्यान में कहा कि समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति जीवन में प्रत्येक प्रकार के राग, रंग, भोग, रस, मान, प्रतिष्ठा की इच्छा रहनी ही चाहिए। केवल कात्यायनी देवी के माध्यम से ही यह सब संभव हैं।
वास्तव में देवी कात्यायनी पूर्ण सौंदर्यमयी है, पूर्ण श्रेष्ठमयी है, पूर्ण वशीकरण युक्त है, प्रभावपूर्ण है, कामनाओं की पूर्ति करने वाली है जिससे व्यक्ति के मन में इच्छाओं का दमन न हो। जो सोचे वह काम हो जाए ऐसा कात्यायनी साधना द्वारा ही संभव है। इस साधना को नवरात्रि के प्रारम्भ दिवसों में करने से पूर्ण सिद्धिदा की प्राप्ति सम्भव हो पाती हैं। यह केवल दो दिवसीय साधना है।
साधना विधानः-
इस साधना के लिए आवश्यक सामग्री है कात्यायनी यंत्र, रूद्राक्ष, और ब्रह्माण्ड गुटिका तथा कात्यायनी काम शक्ति माला प्रातः काल में साधना प्रारम्भ की जाती है। स्नान करके स्वच्छ श्वेत वस्त्र धारण कर लें तथा श्वेत लाल आसन पर ही पश्चिम की ओर मुख कर बैठ जाएं। शक्ति स्वरूप में कलश स्थापन कर सामने चौकी पर एक श्वेत वस्त्र बिछा दें तथा बीच में गुलाब की पंखुडियां पर ‘कात्यायनी यंत्र’ को स्थापित कर दें। ‘रूद्राक्ष’ एवं ‘गुटिका’ को यंत्र के ऊपर स्थापित कर दें। घी का दीपक दो दिन तक अखण्ड रूप में प्रज्ज्वलित रहें।
सबसे पहले दाएं हाथ में जल लेकर संकल्प करें। मैं (अमुक) अपनी इन इच्छाओं की पूर्ति के लिए यह कात्यायनी साधना सम्पन्न कर रहा हूं। अपनी इच्छाओं का चिंतन कर 2 माला गुरु मंत्र की जाप करें। फिर ‘कात्यायनी काम शक्ति माला’ से निम्न मंत्र की 21 माला दो दिन तक जाप करें।
यह तीक्ष्ण तांत्रिक मंत्र हैं, इसमें Hleeng की ध्वनि निकाले यह सिद्ध मंत्र है। साधना समाप्ति होने के बाद माला धारण कर लें तथा गुटिका, रूद्राक्ष एवं यंत्र को घर में पूजा स्थान में ही रखें 21 दिन पश्चात् समस्त सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें।
यह अद्वितीय एवं श्रेष्ठतम साधना है, तंत्र पर आधारित साधना है, इसलिए इसका प्रभाव होता ही है और आप स्वयं साधना कर देख सकते है कि यह मंत्र, यह साधना कितनी विस्फोटक हैं।
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