





गाय जिसे हमारी भारतीय संस्कृति में माँ एवं भगवान का स्थान दिया जाता है, मानव शरीर को हृष्ट-पुष्ट करने में, बलवान करने में, हमारी शारीरिक एवं मानसिक संरचना की सर्वांग वृद्धि में गाय द्वारा प्रदत्त उत्पादों का विशेष महत्व रहा है। भगवान द्वारा गाय मानव जाति को दिया गया एक अमूल्य उपहार है।
इसीलिये गौ सेवा, गौ-रक्षा करना एवं सदा इनका पालन-पोषण करना हमारा परम कर्त्तव्य है। जो मनुष्य गौ सेवा करता है, उसे गाय अत्यन्त दुर्लभ वर प्रदान करती है। वह गौ भक्त मनुष्य पुत्र, धन, विद्या, सुख आदि जिस भी वस्तु की इच्छा करता है, वह सब उसे प्राप्त हो जाती है। उसके लिये कोई भी वस्तु दुर्लभ नहीं होती। जहाँ गायों का समुदाय बैठकर निर्भयतापूर्वक सांस लेता है, उस स्थान पर सारे लोगों के सारे पापों को नष्ट कर देता है।
गौ माता न केवल हमारे शारीरिक विकास और जरुरतों को पूरा करती हैं बल्कि हमारे वातावरण को शुद्ध और आध्यात्मिक रुप से उन्नत भी बनाती हैं।
गाय के गोबर से बने उपले या कंडे जलाने से या हवन सामग्री में इस्तेमाल करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है साथ ही साथ स्थान पर जो भी बुरी नजर या नकारात्मकता होती है वह चली जाती है।
गौ माता तो वात्सल्य से भरी हैं जैसा आप उनके साथ व्यवहार करेंगे वैसा ही स्पंदन (VIBRATION) आपको महसूस होगा। आप कभी जीवन में परेशानी से घिरे हों, STRESS, TENSION, DEPRESSION की स्थिति में हों तो कुछ समय आप गौ माता को देखने जाइये। उन्हें चारा, घास, रोटी, गुड़ आदि खिलाईये, उन्हें सहलाइये, उनके साथ कुछ क्षण बिताईये, बातें करिये, परेशानी उनसे साझा करिये, फिर देखिये आप का तनाव व चिन्ता कैसे छू-मंतर हो जाते हैं।
आजकल COW-CUDDLING यानि कि गाय को गले लगाना, हाथ फेरना, प्रेम करना आदि को THERAPY का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया गया है। विदेशों में भी गौ माता को भगवान तुल्य माना जाने लगा है। भारतीय आयर्वेद के अनुसार-“गौमूत्रमेंभगवानधन्वन्तरिवासकरतेहैं, जो स्वयं स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद के देव हैं।’’ गौ मूत्र कई बीमारियों यहाँ तक कि कैंसर के इलाज में काम में लिया जाता है। गौ माता, गौ मूत्र धरती को उपजाऊ बनाते हैं, इसे सिंचित करते हैं। तो फिर क्यूं न आज ही से हम सभी गौ माता की नित्य सेवा व रक्षा का प्रण लेकर प्रकृति एवं जीव रक्षा में भागीदार बनें।
It is mandatory to obtain Guru Diksha from Revered Gurudev before performing any Sadhana or taking any other Diksha. Please contact Kailash Siddhashram, Jodhpur through Email , Whatsapp, Phone or Submit Request to obtain consecrated-energized and mantra-sanctified Sadhana material and further guidance,