





यह कहना अत्यंत आलहा्द कारक है कि,सांसारिक जीवन में वे ही व्यक्ति सौभाग्यशाली कहे जाते है जो अपने ईष्ट के प्रति, गुरु के प्रति आस्थावान होते है, ऐसा ही स्वरूप आपके वर्तमान जीवन में विद्यमान है। क्योंकि आपके जीवन में प्रेम रुपी गुरु-तत्व सशरीर विद्यमान है। उनका पूर्ण वरद हस्त,वात्सल्य,ममता और करुणामयी सहयोग का भाव पूर्णरूपेण आप पर है। जिससे बड़े से बड़े कज्टो में भी अपने आप को सम्बलमय होने का अहसास कर पाते है। और गुरु कृपा से कष्टों से निवृत्ति भी प्राप्त करते है।
आप कैलाश सिद्धाश्रम परिवार ‘प्राचीन मंत्र-यंत्र विज्ञान’ के महत्वपूर्ण सदस्य है। आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उन्नति, आनन्द, प्रसन्नता, श्री और श्रेष्ठता लाने के लिए पग-पग में गुरु की चेतना,ज्ञान और उनकी उर्जा की आवश्यकता पड़ती है। क्योकि गुरु का ध्येय उसका शिष्य ही होता है, गुरु का चिंतन ही यही रहता है कि उसके पुत्र रूपी शिष्य का जीवन लक्ष्मी युक्त पूर्ण दिव्यता और उज्ज्वलता रूपेण हो।
इसी चिंतन के फ़लस्वरूप गुरु, अपने शिष्य के जीवन में अनेक प्रयासों से अपनी तेजस्विता और तप उर्जा प्रवाहित करते रहते है,चाहे वह शक्तिपात के माध्यम से या विशेष दुर्लभ साधनाओं के माध्यम से। ध्येय यही रहता है कि जीवन में आप उत्तरोतर वृद्धि करें,धन-धान्य-यश,कीर्ति एवं लक्ष्मी तत्व का समावेश अपने जीवन में कर सके । आरोग्यता और संपन्नता आ सके अतः इन सभी तत्वों का जीवन में एक साथ समावेश करने का श्रेष्ठतम अवसर दीपावली है क्योंकि इस दिन माता लक्ष्मी की चेतना व उर्जा चराचर ब्रह्माण्ड में पूर्णरूपेण व्याप्त रहती है।—दीपावली की रात्री को ही वर्ज का श्रेष्ठ मुहूर्त सिंह लग्न और वृज लग्न आते है जिनमें कि गई पूजा अर्चना, साधना का कोटि कोटि अक्षुण्ण फ़ल प्राप्त होता है।
इन सारे तथ्यो को ध्यान में रखते हुए आपके जीवन में पूर्ण संपन्नता व उच्चता को प्रदान करने हेतु स्वयं पूज्यपाद गुरुदेव ने विशेष लक्ष्मी ऋद्धि युक्त अमृत बेला में मंत्र सिद्ध और अपनी तप उर्जा से आप्लावित कर यह अवर्चनीय श्री लक्ष्मी पैकैट आपके लिए न्यूनतम न्यौछावर में उपलब्ध कराया है,जिससे प्रत्येक साधक यह साधना संपन्न कर सके व अपने जीवन को उन्नति के मार्ग पर अग्रसर कर सके।
इन्ही क्रियाओं की पूर्ति हेतु यह साधना में कुबेर लक्ष्मी चैतन्य चित्र,ऐश्वर्य प्राप्ति महालक्ष्मी यंत्र, धन लक्ष्मी माला, गोमती चक्र, लक्ष्मी सिद्धि फ़ल और लघु नारियल पैकैट मात्र-560 की वी-पी-पी- से भेजी जा रही हैं। जिसे प्राप्त कर आपको एक वर्षीय पत्रिका-सदस्यता भी उपहार रूप में दी जायेंगी। दीपावली पर लक्ष्मी को आबद्ध कर सके। पत्र प्राप्त होने के दस दिनो के अंतराल में यह पैकेट आप तक पहुचेगा। अतः पैकेट आने की सूचना घर के सदस्यों को दें ताकि आपके ना रहने पर भी यह पैकेट घर का कोई अन्य सदस्य प्राप्त कर सके। वही दूसरी ओर कुछ अपने जिनमे हमारे पड़ोसी,रिश्तेदार,अनुज,मित्र, गाँव-मोहल्ले के व्यक्ति है ,जो जीवन के घोर अंधकार में है,जिनके जीवन में गुरु का वरद-हस्त उसका एहसास, ज्ञान, प्रेम नही हक। जो जीवन में कलुषित कष्टों से जूझ रहे है। शायद वर्तमान में उन्हे सबसे ज्यादा जरुरत आप जैसे व्यक्तित्व की है,जो समाज में प्रेम और गुरु ज्ञान के विस्तार हेतु सदा तत्पर है।
यदि आप गुरु सेवा के रूप में भी या किसी पड़ोसी या रिश्तेदार के अंधकार मय जीवन में गुरु ज्ञान व चेतना रूपी उज्जवलता लाना चाहते है तो निश्चय ही आप उन बिरले लोगों में से होगे जो अपने सद्कार्य से उनके परिवार में एक मुस्कुराहट बिखेर सकेगे। अतः कार्यालय से तुरंत संपर्क कर उन व्यक्तियों के नाम व पूर्ण पते की जानकारी दे, जिससे समय रहते उन्हें भी यह विशेष साधना पैकेट भेजा जा सके।
तो क्यो ना आप माध्यम बने ऐसे लोगों कि जिससे इनके जीवन में भी आनंद,प्रेम और मार्धुय स्थापित जीवन में भी गुरु शब्द का उच्चारण हो पाता है तो यह हजार साधनाओं के बराबर है। तो चलो आओ, आवहन है आपका—जीवन में पहली बार अपने कार्यो से किसी के परिवार में दीपावली पर एक दीपक जलाने से निश्चित रूप से आपके घर में हजारों हजारों दीपक प्रज्ज्वलित हो सकेंगे। उससे आपके जीवन में दीपोत्सव का पर्व सार्थक हो सकेगा। जीवन में सद्कार्य के भाव से प्रसन्नता के लिए कुछ क्षण प्रेम और आनन्द से बिताना आपके पूरे जीवन की धरोहर होगी। शायद आपके इसी श्रेष्ठ भाव से आपके अनुजों के चेहरे की मुस्कुराहट पुनः लौट आए समय बहुत कम रह गया है।
पूर्णरूपेण लक्ष्मी युक्त बनने के लिए क्या आप तैयार है ???
पांच पत्रिका सदस्यता बनाने पर आपको सिद्धाश्रम चेतन्य प्रणित मंत्र सिद्ध महालक्ष्मी पूजन पैकेट और
शक्तिपात दीक्षा उपहार स्वरूप प्रदान की जायेगी।
इस हेतु प्राचीन मंत्र-यंत्र विज्ञान जोधपुर कार्यालय में सम्पर्क करें। 07568939648, 08769442398
दीपावली लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त
-स्थिर लग्न के मुहूर्त-
लेखनी बहीखाता पूजन मुहूर्तः
कुम्भ लग्नः- 1:41 pm से 3:09 pm तक।
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दीपावली महालक्ष्मी पूजन मुहूर्तः
वृष लग्नः- सायं काल 6:10 pm से 8:06 pm तक।
सिंह लग्नः- मध्य रात्रि 1:39 am से 2:57 am तक।
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दीपावली पर्व पर कैलाश सिद्धाश्रम जोधपुर की ओर से मेरे सभी मानस पुत्र-पुत्रीयों को हृदय से आशीर्वाद देता हूं और लक्ष्मी युक्त श्री वृद्धि की कामना करता हूं।
It is mandatory to obtain Guru Diksha from Revered Gurudev before performing any Sadhana or taking any other Diksha. Please contact Kailash Siddhashram, Jodhpur through Email , Whatsapp, Phone or Submit Request to obtain consecrated-energized and mantra-sanctified Sadhana material and further guidance,