





वास्तु शास्त्र में शयन कक्ष व सोने की दिशा दोनों को महत्व दिया गया है। गलत दिशा में सिर करके सोने से शरीर व मन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। अनिद्रा, तनाव, मानसिक बीमारी, बुरे स्वप्न, सभी गलत दिशा में सोने से उत्पन्न हुई परेशानियां हैं। अच्छी नींद आना व्यक्ति के जीवनचर्या का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण अंग है, जो केवल आराम का विषय नहीं अपितु सेहत व मानसिक संतुलन को दुरुस्त बनाये रखने से भी जुड़ा है। इस बार हम जानेंगे की किस दिशा में सोना रहता है उचित व साथ-ही-साथ अच्छी नींद के लिए हमें किन बातों को अपनाना चाहिये।
दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने से धन तथा आयु की वृद्धि होती है।
पश्चिम की तरफ सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता होती है। जीवन चिन्ताग्रस्त व्यतीत होता है।
उत्तर दिशा की तरफ सिर करके सोना सबसे हानिकारक माना जाता है। इससे शरीर के ऊर्जा संचार में असंतुलन होता है, मानसिक बेचैनी, थकान आती है, इसीलिए इस दिशा को आयु क्षीण करने वाली भी कहा गया है।
सन्ध्या काल में सोने से रुग्णता व दरिद्रता आती है।
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