





महादेव दिगम्बर होते हुए भी भक्तों के ऐश्वर्य बढाने वाले हैं और मुक्त हस्त से दान करने वाले हैं। शिव तीनों लोकों के स्वामी हैं, अर्धनारीश्वर होते हुए भी योगीराज हैं, मदनजित होते हुए भी सदा शक्ति-उमा के साथ रहते हैं, भस्मधारी होते हुए भी अनेकानेक रत्नराशियों के अधिपति हैं।
प्रस्तुत है ऐसे ही ओघड़ दानी महादेव की एकादश तंत्रात्मक शिव साधनाएं, जो आपके जीवन को श्रेष्ठता प्रदान करने में पूर्ण सक्षम है।
हर किसी की इच्छा होती है कि उसके हर कार्य पूरे हों, जिस के लिये वह न जाने कितने ही प्रयत्न करता है। कभी मन्दिरों पर जा कर मन्नतें करता है तो कभी कुछ और पर हर किसी की मनोकामना पूरी नहीं होती और उसकी इच्छा मन में ही दबी रह जाती है। मनोकामना पूर्ति के लिये यह प्रयोग उत्तम है, जिसे सम्पन्न कर आप अपनी मनोकामना शीघ्र ही सम्पन्न कर सकते हैं। प्रातः स्नान कर अपने पूजा कक्ष में बैठ जाएं और एक थाली में कुंकुम से त्रिशूल बनाकर उस पर शिव यंत्र स्थापित करें। अब शिव यंत्र पर बिल्व पत्र चढ़ा दें। उसका पूजन अष्टगंध से करें तथा शिव का ध्यान करें और निम्न मन्त्र का नियमित ग्यारह दिनों तक जाप करें।
मन्त्र जप की समाप्ति के बाद बिल्व पत्र को किसी भी शिव मन्दिर में अर्पित कर दें और यंत्र को नदी में विसर्जित कर दें।
भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए यह शीघ्र फल देने वाला प्रयोग है। अपने पूजाकक्ष में लाल रंग का आसन बिछा लें और उस पर किसी पात्र में लाल पुष्प रख कर उस पर मधुरुपेण रुद्राक्ष को स्थापित करें । घी का दीपक लगाकर मधुरूपेन रूद्राक्ष का संक्षिप्त पूजन करें तथा निम्न मन्त्र का जप 5 माला मन्त्र जाप 11 दिनों तक पापांकुशा माला से करें।
ग्यारह दिनों के बाद मधुरुपेण रुद्राक्ष को धारण कर लें और सवा माह के बाद उसे किसी शिव मंदिर में चढ़ा दें।
भगवान शिव का ध्यान करते हुए अपने पूजा कक्ष में किसी पात्र में शिव विद्या प्रद यन्त्र को स्थापित कर उसका पूजन करें और उसको देखते हुए मन ही मन 35 मिनट तक निम्न मन्त्र 15 दिनों तक जप करें।
साधना समाप्ति के बाद यन्त्र को नदी में विसर्जित कर दें।
आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, इलाज कराने पर भी वह बीमारी जड़ से खत्म नहीं हो रही हो और इस कारण से पूरा परिवार ही अस्त्-व्यस्त सा हो गया हो तो इस प्रयोग को अवश्य सम्पन्न करें।
किसी पात्र में महाम़ृत्युञ्जय यन्त्र को स्थापित कर उस के समक्ष घी का दीपक लगाकर निम्न मन्त्र का प्राण संजीवनी माला से 5 माला जप 11 दिनों तक जप करें।
मन्त्र जप के पश्चात यन्त्र व माला को नदी में प्रवाहित कर दें।
कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि उच्च शिक्षित सुन्दर कन्या होने पर भी उसको एक अच्छा वर नहीं मिल पाता है। आज के इस युग में विवाह भी एक समस्या है और कन्या में चाहे कितने भी गुण हो वह अपने पिता पर बोझ बनी रहती है और परिवार के लिये एक चिन्ता का विषय रहती है। विवाह में बाधा, विशेषकर कन्याओं के लिये आती है । शीघ्र विवाह के लिये यह बहुत ही अच्छा प्रयोग है और इसे अवश्य आजमाना चाहिए।
भगवान शिव का ध्यान करते हुए किसी पात्र में शिव गौरी यन्त्र को स्थापित कर उसका संक्षिप्त पूजन कर निम्न मन्त्र की साफ़ल्य माला से 5 माला मन्त्र जप करें
मन्त्र जप नियमित 11 दिनों तक करें और मन्त्र जप समाप्ति के बाद माला को लड़की को पहना दें और यन्त्र को नदी में प्रवाहित कर दें।
आजकल अधिकतर परिवार ग़ृहस्थ के तनाव से पीडि़त है, क्योंकि उनका गृहस्थ जीवन सुखी नहीं है और उनका मन रात दिन अपने जीवन में सुख-शान्ति की प्राप्ति के लिये तड़पता रहता है। इस प्रकार की समस्या से आपको परेशान होने की आवश्यक्ता नहीं है ।
आप एक बार इस प्रयोग को सम्पन्न करें और खुद देखें कि किस प्रकार भगवान शिव की क़ृपा से आपके गृहस्थ जीवन की सभी चिंताएं समाप्त हो जातीं है।
किसी पात्र में शिव यन्त्र, लघु नारियल और शिव गौरी गुटिका को स्थापित कर उसका पूजन कर उसके समक्ष निम्न मन्त्र का 51 बार माला से 11 दिनों तक जप करें।
जप समाप्ति के बाद साधना सामग्री को शिव मन्दिर में चढ़ा दें और फि़र आप शिव कृपा खुद अनुभव करेंगे।
हर किसी की यह इच्छा होती है कि वह सब से सुन्दर दिखे और लोग उसकी सुन्दरता की प्रशंसा करें, पर वह लाख क्रीम पाउडर लगाने के बाद भी सौन्दर्य को प्राप्त नहीं कर पाते हैं । आप भी यदि सौन्दर्यवान बने रहना चाहते हैं तो इस प्रयोग को सम्पन्न करें। इस प्रयोग को करने से जहां स्त्रियों को भगवती पार्वती के समान सौन्दर्य प्राप्त होता है तो वही पुरुषों को भगवान शिव की तरह पौरुष प्राप्त होता है।
किसी पात्र में सौन्दर्या को स्थापित कर के उसका पूजन करें और निम्न मन्त्र का अप्सरा माला से 5 माला जप करें। यह प्रयोग 5 दिनों का है।
मन्त्र जप पूर्ण होने के उपरांत सौन्दर्या को नदी या जल सरोवर में प्रवाहित कर दें।
बार बार साधना करने पर भी यदि आपको सफ़लता प्राप्त नहीं हो रही हो तो इस प्रयोग को सम्पन करें।
सर्व प्रथम भगवान शिव का ध्यान कर उनके चित्र के समक्ष पांच बिल्व-पत्र चढ़ाएं और किसी पात्र में शिव सिद्धिप्रदा स्थापित कर उसका पूजन करें और प्रार्थना करें कि मैं यह साधना कर रहा हूं और इसमें मुझे सफ़लता नहीं मिल रही है। क़ृपा कर मुझे इस साधना में सफ़लता प्रदान करें।
अब 25 मिनट का ध्यान लगायें और ऐसा 11 दिनों तक करें। ऐसा करने से भगवान शिव की क़ृपा अवश्य प्राप्त होती है और उसे उसकी साधना में शीघ्र सफ़लता मिलती है।
हर मां-बाप का यही सपना होता है कि उसका पुत्र योग्य हो । लोग पुत्र प्राप्ति के लिए मंदिरों में भटकते हैं, कई मन्नतें मांगते हैं और ऐसे में यदि पुत्र अयोग्य हो और कहना नहीं मानता हो तो यह स्थिति जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा का कारण बन जाती है। ऐसी स्थिति में प्रस्तुत प्रयोग लाभदायक है और आप एक बार इसे अवश्य सम्पन्न कर देखें।
सर्व प्रथम भगवान शिव का ध्यान करते हुए अपने पूजा कक्ष में कार्तिकेय यन्त्र स्थापित कर उसका पूजन कर भगवान शिव और पार्वती से प्रार्थना करें हमारे पुत्र भी योग्य बन जाए और फि़र निम्न मन्त्र का जप 51 बार 11 दिनों तक करें।
मंत्र जप के बाद कार्तिकेय यन्त्र को नदी में प्रवाहित कर दे।
असमय म़ृत्यु का योग यदि बन रहा हो या किसी रोग के कारण स्वास्थ इतना ढल गया हो कि व्यक्ति म़ृत्यु की ओर अग्रसर हो तो इस प्रयोग को सम्पन्न करें।
किसी पात्र में शिव शक्ति माला को स्थापित कर उसका पूजन करें। भगवान शिव का ध्यान करते हुए उसके ऊपर 21 बिल्व पत्र चढ़ाते हुए यह मन्त्र बोलें।
इस क्रम समाप्ति के बाद में शिवशक्ति माला को उस व्यक्ति को पहना दें और फि़र 5 दिनों तक मन ही मन इस मन्त्र का जप 20 मिनट तक नित्य करें।
यदि आपको अपने व्यापार में नुकसान हो रहा हो और अपनी सतत कोशिशों के बाद भी आप निरंतर कर्ज के बोझ तले दबते ही जा रहे हों तो इस प्रयोग को सम्पन्न करें। किसी पात्र में शिव ऐश्वर्य लक्ष्मी यन्त्र को स्थापित कर उसका पूजन करें और उसके समक्ष निम्न मन्त्र का जप 5 माला 11 दिनों तक करें।
मन्त्र जप की समाप्ति के बाद यन्त्र को नदी में प्रवाहित कर दें।
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