श्री सद्गुरु चरण कमलेभ्योः नमः अपनों से अपनी बात प्रिय आत्मन, निखिल ज्ञान अविरल प्रवाह के विशिष्ट पड़ाव दीपावली महोत्सव-लूनी धाम सभी निखिल शिष्यों के लिये […]
उपनिषद वाणी अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानान्जन शलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरुवे नमः।। जिसने ज्ञान रूपी शलाका से, अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर ज्ञान के […]