|| Om Param Tatvaaye Naarayanaaye Gurubhayo NamaH ||

December 30, 2017

Divine Upanishads Upanishad Vani

उपनिषद वाणी   जागो, उठो, आगे बढ़ो—!! यही प्रेरणा प्रदान करते हुये, अनेक वर्ष बीत चुके हैं, नूतन वर्ष 2018 प्रारम्भ होने वाला है। जीवन के अनेक […]
December 30, 2017

Editorial Sampaadakiya

अपनों से अपनी बात   प्रिय आत्मन, नव वर्ष पर आप सभी कैलाश सिद्धाश्रम साधक परिवार को आत्मीय भाव से शुभकामनाऐं। यह समय पूर्व वर्ष की समाप्ति […]
November 26, 2017

Divine Upanishads Upanishad Vani

उपनिषद वाणी  हम ऐसा कुछ भी करते हों, जिससे कष्ट का कारण निर्मित होता है, असफलता का कारण बनता हो, तो हम अपने मित्र नहीं कहे […]
November 26, 2017

Editorial Sampaadakiya

भावपूर्ण श्रद्धांजलि नमस्ते अस्तु भगवती । मातरस्मान् शरणं सर्वतः।। हे भगवती! आपको नमन है। हे माता! मुझे सदा अपनी शरण दो।।  हे माँ! आप ममता की […]
October 26, 2017

Divine Upanishads Upanishad Vani

उपनिषद वाणी   संन्यास है क्या, किसे कहते हैं संन्यास, क्यों लेते हैं लोग संन्यास? मेरे पास कुछ व्यक्ति आते हैं, और कहते हैं, गुरु जी मुझे […]
October 26, 2017

Editorial Sampaadakiya

श्री सद्गुरु चरण कमलेभ्योः नमः अपनों से अपनी बात   प्रिय आत्मन, निखिल ज्ञान अविरल प्रवाह के विशिष्ट पड़ाव दीपावली महोत्सव-लूनी धाम सभी निखिल शिष्यों के लिये […]
September 26, 2017

Divine Upanishads Upanishad Vani

उपनिषद वाणी   यदि किसी व्यक्ति को कोई गुरु यह कह दे, तुम मेरे पास आ जाओ, मैं तुम्हें साक्षात्कार कराता हूं, तो पहला साक्षात्कार स्वयं से […]
September 26, 2017

Editorial Sampaadakiya

श्री सद्गुरु चरण कमलेभ्योः नमः अपनों से अपनी बात   प्रिय आत्मन, सतं वै सदानं देहालयोवैप्रातोर्भवेवै ज्ञानम् सहितं न दीर्घयै पूर्णतंपरांपूर्ण मदैव रूपं गुरुर्वै शरण्यं गुरुर्वै शरण्यं […]
August 31, 2017

Divine Upanishads Upanishad Vani

उपनिषद वाणी   अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानान्जन शलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरुवे नमः।। जिसने ज्ञान रूपी शलाका से, अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर ज्ञान के […]
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