





जीवात्मा जो साक्षात-साक्षात ब्रह्मस्वरूप हैं, दान, ध्यान, योग, ज्ञान, जगन्नाथपुरी में, काशी में या गंगा में प्राण त्यागना यह सभी पुण्य कार्य गुरु तत्व से बड़ा नहीं हैं।1।
प्राण, देह, गृह, राज्य, स्वर्गभोग, योग, मुक्ति, पत्नी, इष्ट, पुत्र, मित्र ये सभी गुरु तत्व से बड़ा नहीं हो सकता।2।
वन में वास करना योगधर्म पालन करना, सन्यासी होना, भिक्षावृत्ति करना, साधु सेवा करना, सांसारिक सुख भोगना या मुक्ति प्राप्त करना इन सबसे गुरु तत्व अधिक महत्वपूर्ण हैं।3।
भगवान विष्णु की भक्ति करना, पूजन करना, विष्णु भक्तों की सेवा करना, मातृ भक्ति करना, भगवान विष्णु की तरह पिता की सेवा करना यह सब गुरु भक्ति से बड़ा नहीं हो सकता।4।
योग के नियमों का पालन करना, इन्द्रियों को वश में करना, न्यास करना, अपनी इष्ट की पूजा, जपतप और भक्ति गुरु तत्व से बड़ा नहीं हैं।5।
काली, दुर्गा, कमला, भुवनेश्वरी, त्रिपुरभैरवी, त्रिपुर सुन्दरी, बगला, मातंगी, धूमावती और तारा ये महाविद्याएं गुरु तत्व से बड़ी नहीं हो सकती।6।
मत्सय अवतार, कूर्मावतार, वराहावतार, नरसिंहरूप, वामन अवतार, नरनारायण चरित्र तथा योग सिद्धि गुरुतत्व से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकता।7।
भगवान परशुराम, भगवान रामचन्द्र जी, भगवान कृष्ण बुद्ध एवं कलकी अवतार तथा वेदों का ज्ञान गुरुतत्व से बड़ा नहीं हो सकता।8।
गंगा, काशी, कांची, द्वारिका, हरिद्वार, अयोध्या, उज्जैन, मथुरा, रेवा तथा पुष्कर तीर्थ गुरु तत्व से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हैं।9।
मथुरा आदि तीर्थों में जाना, राजभवन में रहना, वृंदावन में कल्पवास करना, इसके अतिरिक्त सर्वसुन्दरियों का मान करना गुरु तत्व से अधिक नहीं हैं।10।
तुलसी सेवा, शिव और विष्णु की भक्ति करना, गंगा सागर एवं त्रिवेणी संगम में प्राण त्यागना यहां तक की कृष्ण की भक्ति भी गुरु तत्व से बड़ा नहीं हैं।11।
मोक्ष चाहने वाला जो जिज्ञासु इस स्तोत्र का नित्य पाठ करता है, वह धन्य है, इसके अतिरिक्त समस्त ब्रह्माणड में जो भी प्राप्तव्य है, वह गुरुतत्व से अधिक नहीं हैं।12।
It is mandatory to obtain Guru Diksha from Revered Gurudev before performing any Sadhana or taking any other Diksha. Please contact Kailash Siddhashram, Jodhpur through Email , Whatsapp, Phone or Submit Request to obtain consecrated-energized and mantra-sanctified Sadhana material and further guidance,