





आज हमें अपने चारों ओर भले ही सफ़ल व्यक्ति दिखाई देते हों पर उनमे से अधिकांश ने अपनी सफ़लता के लिये कई असफ़लताओं का सामना किया है। इतिहास में भी यदि हम झांक के देखे तो हमे यही देखने को मिलता है कि हर सफ़ल व्यक्ति कभी न कभी असफ़लताओं से घिरा ही था, पर अपने द़ृढ़ निश्चय से उसने अपने भाग्य को बदल डाला। यदि आपको ऐसा लगता है कि आपको ही सफ़लता नहीं मिलती है, तो जानिये कुछ ऐसे सफ़ल व्यक्तिओं को जो कभी असफ़लताओं के शिखर पर थे।
हम आपके सामने अलग अलग क्षेत्र के सफ़ल व्यक्तिओं को प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि आप जिस भी क्षेत्र में हैं, आप जान सके कि केवल आप ही नहीं हैं जो असफ़लताओं से जूझ रहे है, ऐसे कई इतिहास पुरुष पहले भी इन चुनौतियों का सामना कर चुके हैं और उन पर सफ़लता प्राप्त कर चुके हैं।
व्यापार क्षेत्र हेनरी फ़ोर्ड का नाम सभी जानते हैं। फ़ोर्ड मोटर्स उन्ही की कम्पनी थी, यह तो हम सभी जानते हैं पर हम में से बहुत कम लोग यह जानते हैं कि उन्हें अपने प्रारम्भिक व्यवसाओं में असफ़लतायें ही मिली थी और फ़ोर्ड मोटर्स शुरु करने से पहले वह पांच बार असफ़ल हो कर टूट चुके थे।
हौंडा कम्पनी के मालिक, सोइचिरो हौंडा, का भी प्रारंभिक जीवन असफ़लों से भरा हुआ ही था। उन्हें टोयोटा मोटर्स के साक्षात्कार में असफ़लता मिली थी और उसके बाद वह काफ़ी समय तक बेरोजगार रहे थे। फि़र उन्होंने अपने घर पर ही स्कूटर बनाना शुरु किया जो आगे चल कर हौंडा मोटर्स के नाम से प्रख्यात हुआ।
वाल्ट डिसनी का नाम तो सभी जानते हैं। आज विश्व का शायद ही कोई बच्चा होगा जो कार्टून देखता हो और उनके पात्र मिक्की, डोनाल्ड आदि उन्हें पसंद ना हों। इसी व्यक्ति को, जब वह एक अखबार के लिये काम करते थे, तो यह कह कर नौकरी से निकाल दिया था कि उनमें कल्पना शक्ति का अभाव है। उन्होंने हार ना मान कर अन्य कई कार्यों को प्रारम्भ किया पर सभी में असफ़लता ही हाथ लगी।
अन्त में उन्होंने आखिरकार सफ़लता की कुंजी आज हमें अपने चारों ओर भले ही सफ़ल व्यक्ति दिखाई देते हों पर उनमे से अधिकांश ने अपनी सफ़लता के लिये कई असफ़लताओं का सामना किया है। इतिहास में भी यदि हम झांक के देखे तो हमे यही देखने को मिलता है कि हर सफ़ल व्यक्ति कभी न कभी असफ़लताओं से घिरा ही था, पर अपने द़ृढ़ निश्चय से उसने अपने भाग्य को बदल डाला। यदि आपको ऐसा लगता है कि आपको ही सफ़लता नहीं मिलती है, तो जानिये कुछ ऐसे सफ़ल व्यक्तिओं को जो कभी असफ़लताओं के शिखर पर थे।
हम आपके सामने अलग अलग क्षेत्र के सफ़ल व्यक्तिओं को प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि आप जिस भी क्षेत्र में हैं, आप जान सके कि केवल आप ही नहीं हैं जो असफ़लताओं से जूझ रहे है, ऐसे कई इतिहास पुरुष पहले भी इन चुनौतियों का सामना कर चुके हैं और उन पर सफ़लता प्राप्त कर चुके हैं।
राजनीतिज्ञ विन्स्टन चर्चिल भी एक सामान्य बालके ही थे और वो छठी कक्षा में फ़ेल हो गये थे। बड़े हो कर उन्हें हर चुनाव में हार का ही सामना करना पड़ा। अंततः उन्हें 62 वर्ष की उम्र में सफ़लता मिली और वह ग्रेट ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने।
अब्राहम लिन्कन ने भी अपने पूरे जीवन भर संघर्ष और असफ़लता को देखने के बाद ही अमरीका का राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त किया था।
लेखक जे- के- रौलिंग का जीवन भी हैरी पौटर के उपन्यास लिखने से पहले काफ़ी संघर्षपूर्ण था। उनका तलाक हो चुका था और उन्हें अपने बच्चे को पालना पोसना था। वो लगभग कंगाल थी और बहुत ही ज्यादा उदास रहती थी। पर अपनी लगन से वो मात्र पांच वर्षों में ही अपना नाम विश्व की अमीर औरतों की सूची में अंकित करा सकीं।
स्टीफ़न किंग को उनके पहले उपन्यास के लिये 30 बार नकारात्मक जवाब मिले थे। दुःखी हो कर उन्होंने उसे कचरे के डब्बे में फ़ेंक दिया था। उनकी पत्नी ने तब उन्हें प्रोत्साहित किया था और तब उन्होंने उसे पुनः प्रकाशकों को भेजा और आज उनकी कई सौ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं ।
खिलाड़ी ध्यान चंद का बचपन भी काफ़ी संघर्षमय था। पिता के सेना में होने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बचपन में ही छोड़नी पड़ी थी पर अपनी लगन से जीवन में वो उस शिखर पर पहुंच सके जहां खेल जगत में उन्हें किंवदंती के नाम से संबोधित किया जाता है।
माइकल जॉर्डन अपने समय के श्रेष्ठतम बास्केट बाल के खिलाड़ी रहे हैं पर बचपन में वह अपने स्कूल के बास्केट बाल की टीम में जगह बनाने में असफ़ल हो गये थे। संसार का सबसे तेज कार चलाने वाला रॉबर्ट एक दुर्घटना में दोनों हाथ और एक पैर खो बैठा । उसने हिम्मत नहीं हारी और केवल एक पांव और दोनों ठूंठों की सहायता से कार चलाने का प्रयास किया और फि़र विश्व की श्रेष्ठतम कार की दौड़, ग्रांपी, में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि अपंगता अभिशाप हो ही नही सकती । अन्य कीलर जन्म से ही अंधी थी पर फि़र भी 95 वर्ष की आयु में उन्होंने 102 देशों की यात्र की थी। रॉबर्ट ब्लूम जन्म से ही अंधा बालक था परन्तु उसने संगीत का अभ्यास किया और वह दुनिया का सबसे मंहगा कलाकार बना और जिसके गीत सुनने के लिये पूरा विश्व बेताब हुआ। महान हंसोड़ चार्ली चैपलिन के अभिनय को देख कर यह कह कर मना कर दिया गया था कि उनका अभिनय बेतुका है और दर्जक इसे पसंद नहीं करेंगें। एलविस प्रिसले को अपने पहले प्रदर्जन के बाद उनके मैनेजर ने कहा था कि यह गाना वाना उनके बस की बात नहीं है और उन्हें वापस जा कर गाड़ी चलानी चाहिए। मोनेट की चित्रकारी आज करोड़ो रुपये में बिकती है पर इसी चित्रकार की कला का उपहास दूसरे चित्रकारों ने एक प्रदर्शनी के दौरान की थी।
हजारों घटनाओं में से ये कुछ घटनाएं अंकित हैं। ये घटनाएं इस बात की साक्षी हैं कि हर सफ़ल व्यक्ति को जीवन में असफ़लता देखनी पड़ती ही है। कुछ कर गुजरने के लिए उम्र आडे़ नहीं आती, फि़र आप तो जवान हैं, समर्थ और सशक्त हैं। उठिए और कुछ ऐसा कीजिए जो अपने आप में विलक्षण हो और जिसके माध्यम से आप इतिहास में अपना नाम अंकित कर सकें।
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