





यह संभव है, यदि जीवन में सरस्वती अपने अष्ट शक्तियों सहित स्थापित हों। सदगुरु जब कृपा करते हैं, शिष्यों को प्रदान करते हैं दीक्षा के माध्यम से वह शक्ति, जो पूरे शरीर में प्रवाहित कर देती है प्राणश्चेतना, ज्ञानश्चेतना, सरस्वती सिद्धि दिवस पर गुरु कृपा से प्राप्त होगी “अष्ट सरस्वती सिद्धि दीक्षा’ आपको और आपके बालकों को –
अष्ट सरस्वती सिद्धि दीक्षा प्राप्त करने के नियम :
आपके इस प्रयास से पत्रिका परिवार में वृद्धि होगी, और यह एक प्रकार से उत्तम कोटि की ज्ञान प्रसार की गुरु सेवा है, जिसके प्रभाव से दीक्षा और भी अधिक फलप्रद सिद्ध होगी। आपके प्रयास से यदि तीन नए परिवार पत्रिका सदस्यता द्वारा यदि आपकी संतान १६ संस्कारों से युक्त होकर अध्यात्म से सुपथ पर, साधना के पथ पर अग्रसर होते है, तो जीवन में धर्म, अर्थ, काम की पूर्णता प्राप्त हो सकेगी ।
और इस तरह आपको और आपके आत्म रूपी संतानों को एक साथ ही इतनी दुर्लभ दीक्षा घर बेठे ही प्राप्त हो जाएगी और साथ ही ज्ञान वृद्धि सेवा भी हो जाएगी।
“अष्ट सरस्वती सिद्धि दीक्षा प्राप्त होना अपने आप में ही सौभाग्य है, और जब यह सौभाग्य प्राप्त होने ही जा रहा है तो ऐसे अवसर पर न चूकना ही श्रेष्ठ शिष्यत्व की पहिचान है।
नववर्ष पर पूज्य गुरुदेव की तरफ से एक अद्वितीय आशीर्वाद है आप सब के लिए, कि आप अपने बच्चों को मेधावी, ज्ञानवान, बुद्धिमान एवं सुसंस्कार युक्त बनाएं, उन्हें सरस्वती की मात्र कृपा ही प्राप्त न हो, सरस्वती तत्व ही उनमें स्थापित हो जाए।
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