





ईश्वर ने तो हमें पशुओं से श्रेष्ठ बनाया पर मनुष्य तो धीरे-धीरे पशुओं से भी बदतर बनते जा रहे हैं। हम वाद-विवाद, मुकदमेबाजी, झगड़ा कर भी किसके लिये रहें हैं, कि इसने मेरा धन, सम्मान ले लिया है। भाई-भाई झगड़ रहे हैं, माता-पिता को इसके लिये दोषी बना रहे हैं! कोई भी ज्ञान, विद्या या चेतना के लिये तो नहीं लड़ रहा? ईर्ष्या, घृणा का भाव बढ़ाने से किसको कितना दिया, कितना मिला उसके बारे में चिन्तन करने से आपका कल्याण नहीं होगा या किसी का भी कल्याण नहीं होगा।। आपको तो मानव जीवन मिला है एक जीवन्त गुरू मिले। आपके जीवन में सौभाग्य का आगमन हुआ है, तभी तो आप नकारात्मकता को त्याग कर, आत्म चिन्तन करने लगे हो, स्वयं को साध्य कर साधना करने के बारे में सोचने योग्य हुये हो, स्वयं के विचारों को विराम देकर आत्म चिन्तन करने लगे हो स्वयं का कल्याण करने योग्य बने हो।
जो आनन्द कुछ समय गुरू स्मरण व गुरू चरण में है, वह आनन्द आपको इस संसार में किसी भी वस्तु में प्राप्त नहीं होगा। इसीलिये प्रत्येक साधना, मंत्र-जप, हवन, अनुष्ठान के पूर्व में आपको पूर्ण स्वच्छ मन व स्वच्छ नियत बिना किसी द्वेष भाव के अमुख साधना को सम्पन्न करने को कहा जाता है। साधनाओं का मूल उद्देश्य केवल आर्थिक उन्नति नहीं अपितु पूर्ण आध्यात्मिक, मानसिक उन्नति करना है, इसी पूर्णता को प्राप्त करना जीवन के अर्थ को सार्थक बनाता है।
आप अपने बहुमुल्य जीवन को नारायणमय माँ भगवती महालक्ष्मी, गणपति, शुभ-लाभ, ऋद्धि-सिद्धिमय के केवल समर्पण के भावों से ही प्राप्त कर सकते हो।
इस पूर्णता को व जीवन को प्रसन्नता युक्त बनाने हेतु आप पूर्ण परिवार के साथ अपने कैलाश सिद्धाश्रम में इस दीपावली पर्व 19-20-21 को सादर आमन्त्रित हैं।
आपका अपना
विनीत श्रीमाली
It is mandatory to obtain Guru Diksha from Revered Gurudev before performing any Sadhana or taking any other Diksha. Please contact Kailash Siddhashram, Jodhpur through Email , Whatsapp, Phone or Submit Request to obtain consecrated-energized and mantra-sanctified Sadhana material and further guidance,