संत कबीर प्रेम शब्द का अर्थ क्या हैं? घनिष्ठता, निकटतम सम्बन्ध, अनन्यता आदि! प्रेम सम्बन्धों को जोड़ता है। प्रेम किसी न किसी रूप में प्रत्येक सम्बन्ध […]
शिष्य धर्म शिष्य को श्रद्धावान तथा स्थिर आशय वाला, लोभ रहित, अपने अंगों को स्थिर रखने वाला, आज्ञाकारी जितेन्द्रिय होना चाहिये। शिष्य को ईश्वर विश्वासी, गुरु […]
24 जून आषाढ़ी नवरात्रि शक्ति दिवस अभयदायिनी चौसठ कलायें शक्ति साधना गुप्त नवरात्रि को पूर्ण चैतन्य तंत्र सिद्धि कल्प कहा गया है। जिसकी चेतना गुरु पूर्णिमा […]